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पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ के फायदे और नà¥à¤•सान
सदियों के मौसम में अकà¥à¤¸à¤° लोगों को किडनी और मूतà¥à¤° विकारों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में कई औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ का उपयोग किया जा सकता है। पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ की मदद से किडनी की पथरी को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा यह पेट की सफाई करने और जमा विषैले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में à¤à¥€ काफी उपयोगी है। यह बवासीर में à¤à¥€ काफी लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना जाता है। तो आइठजानते हैं पथरचटà¥à¤Ÿà¤¾ (Patharchatta) के फायदे।
किडनी को बनाठहेलà¥â€à¤¦à¥€
अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किडनी में पथरी है तो इसे दूर करने के लिठपतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ को रामबाण माना जाता है। वहीं, अगर इसका काढा पिया जाठतो पेशाब में जलन, पेशाब का रà¥à¤•-रà¥à¤•कर आना, दरà¥à¤¦ होना जैसी पेशाब की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को ठीक किया जा सकता है।
इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ को ठीक करे -
इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने के लिठपतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ के 4-5 पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पीसकर à¤à¤• लेप तैयार कर लें और उसे घाव, चोट वाली जगह पर लगा सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपको तà¥à¤°à¤‚त आराम मिलेगा। इसके साथ ही अगर किसी के शरीर पर रैशेज या खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है तो इसे à¤à¥€ दूर करने के लिठपतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ फायदेमंद है।
वेजाइनल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को ठीक करने के लिठ-
अगर किसी महिला को वेजाइनल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की शिकायत है और पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन के साथ-साथ वेजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो रहा है तो à¤à¤¸à¥‡ में उसे के लिठपतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ फायदेमंद हो सकता है। इसके सेवन से वेजाइना में सूजन, जलन, खà¥à¤œà¤²à¥€ आदि से निजात मिल सकता है। इसके लिठआप इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को उबालकर काढ़ा बना लें और शहद डालकर इसका सेवन करें।
खूनी दसà¥à¤¤ के इलाज के लिठ-
पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¥‡ का सेवन करने से खूनी दसà¥à¤¤ को रोकने में काफी मदद मिलती है। इसके उपयोग के लिठआप इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से रस निकालें और उसमें चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° पीसा हà¥à¤† जीरा और आधा चमà¥à¤®à¤š देशी घी डालकर अचà¥à¤›à¥€ तरह मिला लें। इसके बाद इस मिशà¥à¤°à¤£ का सेवन दिन में दो बार करें।
हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करे -
हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को ठीक करने के लिठआप पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¥‡ का सेवन कर सकते हैं। इसके उपयोग के लिठआप इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस निकालकर पांच-पांच बूंद पानी में मिलाकर रोज खाली पेट पिà¤à¤‚।
पतà¥à¤¥à¤°à¤šà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ के नà¥à¤•सान : Side effects of Patharchatta In Hindi
1 . पेट में दरà¥à¤¦
2 . सीने में जलन
3 . जी मिचलाना या उलà¥à¤Ÿà¥€
4 . खटà¥à¤Ÿà¥€ डकार आना
5 . दसà¥à¤¤ लगना
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